हिंदी विश्वविद्यालय में उत्साह के साथ मनाई गई डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती डॉ. आंबेडकर ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया- डॉ. नरेंद्र जाधव

संवाददाता/दै.जन-संग्राम वर्धा : प्रख्यात अर्थशास्त्री, लेखक और राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. नरेंद्र जाधव ने कहा है कि बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने राष्ट्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके योगदान का अध्ययन कर हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. जाधव महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में बोधिसत्व बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की १३५वीं जयंती के अवसर पर “बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर : राष्ट्र निर्माण की दृष्टि एवं योगदान’ विषय पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की। मंगलवार, १४ अप्रैल को ग़ालिब सभागार में जयंती समारोह का आयोजन किया गया।

डॉ. जाधव ने डॉ. आंबेडकर के जीवनएवं कार्यों से जु़डे महत्वपूर्ण बिंदुओं की चर्चा की। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर मूलत : अर्थशास्त्री थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में पीएच.डी. और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में डी. एससी. उपाधि प्राप्त की। वे वित्त आयोग के निर्माता हैं। भारत के लिए किस प्रकार की आर्थिक प्रणाली होनी चाहिए इसका उन्होंने गहरा अध्ययन किया था। उन्होंने बताया कि डॉ. आंबेडकर ने जाति प्रथा निमर्ूलन के लिए काफी संघर्ष किया डॉ. आंबेडकर का मानना था कि देश के आर्थिक विकास का सबसे ब़डा नुकसान जाति प्रथा से हुआ है।

डॉ. जाधव ने डॉ. आंबेडकर द्वारा राष्ट्र निर्माण में किये गये कार्यों जैसे श्रम कल्याण, नदी जो़ड प्ररियोजना, हिराकुंड बांध परियोजना, हिंदू कोड बिल, भाषावार प्रांत रचना, संविधान निर्माण का विस्तार सेजिक्र करते हुए डॉ. आंबेडकर के दूरदर्शी नेतृत्व को रेखांकित किया। अध्यक्षीय उदबोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने डॉ. आंबेडकर को एक बहुआयामी व्यक्तित्व करार देते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर के भीतर राष्ट्र की चिंता थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्त्री-पुरुष समानता के साथ साथ उन्होंने जातिगत भेदभाव को दूर करने में महत्वपूर्ण कार्य किया। इस अवसर पर कुलपति ने डॉ. नरेंद्र जाधव को शॉल, प्रतीक चिन्ह और सूतमाला प्रदान कर सम्मानित किया। कलपति न डा. जाधव की पत्नी श्रीमती वसुंधरा जाधव का भी शाल ओ़ढाकर सम्मान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया गया। तत्पश्चात विश्वविद्यालय का कुलगीत गाया गया। शोधार्थी भंते ओम प्रकाश ने त्रिशरण पंचशील प्रस्तुत किया।

स्वागत वक्तव्य साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने दिया। विषय प्रास्ताविक डॉ. किरन कुंभरे ने किया। डॉ. जाधव का परिचय डॉ. हर्षलता पेटकर ने कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप सपकाळे ने किया तथा डॉ. शैलेश कदम ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर शिक्षक, अधिकारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी ब़डी संख्या में उपस्थित थे। व्याख्यान से पहले डॉ. नरेंद्र जाधव, कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा द्वारा बोधिसत्व डॉ. बाबासाहब आंबेडकर समता भवन स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की गयी एवं गांधी हिल्स पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उपस्थितों द्वारा पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया गया।

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